Tuesday, March 8, 2011

महिला दिवस पर लीला की कहानी

आज की महिलाएं अन्तरिक्ष से लेकर एवरेस्ट को फतह करने, साईकिल रिक्शा चालक से लेकर रेल ड्राईवर का पेशा अपनाने तथा पुलिस से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक का गौरव हासिल कर अपनी अदम्य शक्ति का लोहा मनवा चुकी हैं वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे अपनी जर्जर झौंपड़ी की तरह दम तोड़ती जिंदगी को संभालने के लिए टू-व्हीलर का पंचर निकाल कर अपने पति, ससुर और चार बच्चों वाले बड़े परिवार का भरण पोषण का जज्बा रखने वाली बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखण्ड मुख्यालय के समीप बड़वास छोटी गांव की लीला पत्नी गटु यादव महिला शक्ति की साक्षात मिसाल बनी हुई है। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर वर्तमान पुरूष प्रधान समाज के कड़वे यथार्थ को बयां करती यह तस्वीर।

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