Tuesday, August 31, 2010

कुदरत का करिश्मा: श्वेतार्क मूल में मिले गजानन

इसे कुदरत का करिश्मा ही कहा जाएगा कि जिस पौधे को विघ्नहर्ता देव गणेश का प्रतीक माना जाता है उसके मूल में स्वयं गजानन विराजमान दिखाई दे। ऎसा ही एक वाकया यहां डूंगरपुर न्यू कॉलोनी में नज़र आया है जहां गणेश के प्रतीकरूप माने जाने वाले श्वेतार्क (सफेद आक) के पौधे की खुदाई दौरान मूल के रूप में भगवान गणेश की प्रतिकृति दिखाई दी। प्रकरणानुसार न्यू कॉलोनी में जिला परिवहन कार्यालय के समीप रहने वाले हरिश पहाड़ के आंगन में एक बड़े श्वेतार्क के सूखने के बाद जब इसे जड़ सहित निकाला गया तो आश्चर्यजनक रूप में भगवान गणेश की आकृति में जड़ दिखाई दी। फिर क्या था घर में तो जैसे साक्षात गणेश के प्रकट होने की खुशी छा गई। बस तभी से पहाड़ की अद्र्धांगिनी श्रीमती गीता पहाड़ के साथ उनकी दो बेटियों कोमल पहाड़ व मोनल पहाड़ के साथ बेटे जतीन पहाड़ ने गजानन स्वरूपा श्वेतार्क मूल को भगवान के पालके में स्थापित किया और इसे जनेउ आदि धारण कर पूजा अर्चना की। पहाड़ के घर श्वेतार्क गणेश के अवतरित होने की खबर पर पड़ोसियों और सगे संबंधी भी यहां पहुंच रहे है और श्वेतार्क गणपति के दर्शनलाभ ले रहे हैं।

2 comments:

  1. बहुत ही बढ़िया खबर दी है अपने गजानन बाबू की .... जड़ के मूल में इस तरह की आकृति मिलना आश्चर्य जनक लगता है .... आभार

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