Tuesday, June 29, 2010

गैस सिलेण्‍डर की भी होती है एक्‍सपायरी डेट

जी हां, घरेलू गैस सिलेण्‍डर की भी एक्‍सपायरी डेट होती है और एक्‍सपायरी डेट निकलने के बाद गैस सिलेण्‍डर को इस्‍तेमाल करना बम की तरह खरतनाक हो सकता है। आमतौर  पर गैस सिलेण्‍डर की रिफील लेते समय उपभोक्‍ताओं का ध्‍यान इसके वजन और सील पर ही होता है। उन्‍हें सिलेण्‍डर की एक्‍सपायरी डेट की जानकारी ही नहीं होती। इसी का फायदा एलपीजी की आपूर्ति करने वाली कंपनियां उठाती हैं और धड़ल्‍ले से एक्‍पायरी डेट वाले सिलेण्‍डर रिफील  कर हमारे घरों तक पहुंचाती हैं। यहीं कारण है कि गैस सिलेण्‍डरों से हादसे होते हैं।

कैसे पता करें एक्‍सपायरी डेट
सिलेण्‍डर के उपरी भाग पर उसे पकड़ने के लिए गोल रिंग होती है और इसके नीचे तीन पट्टियों में से एक पर काले रंग से सिलेण्‍डर की एक्‍सपायरी डेट अंकित होती है। इसके तहत अंग्रेजी में ए, बी, सी तथा डी अक्षर अंकित होते है तथा साथ में दो अंक लिखे होते हैं। ए अक्षर साल की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च), बी साल की दूसरी तिमाही (अप्रेल से जून), सी साल की तीसरी तिमाही (जुलाई से सितम्‍बर) तथा डी साल की चौथी तिमाही अर्थात अक्‍टूबर से दिसंबर को दर्शाते हैं। इसके बाद लिखे हुए दो अंक एक्‍सपायरी वर्ष को संकेत करते हैं। यानि यदि सिलेण्‍डर पर डी 09 लिखा हुआ हो तो सिलेण्‍डर की एक्‍सपायरी दिसंबर 2009 है। इस सिलेण्‍डर का दिसम्‍बर 2009 के बाद उपयोग करना खतरनाक होता है। इस प्रकार के सिलेण्‍डर बम की तरह कभी भी फट सकते हैं। ऐसी स्थिति में उपभोक्‍ताओं को चाहिए कि वे इस प्रकार के एक्‍सपायर सिलेण्‍डरों को लेने से मना कर दें तथा आपूर्तिकर्त्‍ता एजेंसी को इस बारे में सूचित करें।  (साभार इवनिंग प्‍लस)

आईये देखते है कहा लिखी होती है एक्‍सपायरी डेट, नीचे के दोनों सिलेण्‍डरों में से एक में ए 11 तथा दूसरे में ए बी अंकित किया हुआ है अर्थात पहला सिलेण्‍डर मार्च 2011 में तथा दूसरा मार्च 2020 में एक्‍सपायर होने वाला है। 



3 comments:

  1. सही कहा...वैसे एक्सपायर्ड सिलेंडर को रीफिल न करना गैस कम्पनी का दायित्वय है किन्तु फिर भी उपभोक्ता को सजग रहना चाहिये. उम्दा जानकारी.

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  2. बहुत काम की जानकारी...

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